मैं आप अपनी तलाश में हूँ ,
मेरा कोई रहनुमां नहीं है !
वो क्या बताएँगे राह मुझको ,
जिन्हें खुद अपना पता नहीं है !
शऊरे सज़दा नहीं है मुझको ,
तू मेरे सज़दों कि लाज रखना !
ये सर तेरे आस्तां से पहले ,
किसी के दर पे झुका नहीं है !
ये उनके मंदिर , ये उनकी मस्जिद ,
ये बुत परस्तों की
सज़्दागाहें
अगर ये उनके खुदा के घर हैं ,
तो इनमें मेरा खुदा नहीं है !
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