Tuesday, 11 December 2007

चंद शेर ........
मैं अपने घर में अकेला कमाने वाला हूँ ,
मुझे तो सांस भी आहिस्तगी से लेना है !
वो अपने खून से लिखने लगा है ख़त मुझको ,
अब इस मज़ाक को संजीदगी से लेना है !
कहो वो अपनी सखावत को अपने पास रखे ,
दिया है जिसने हमेशा उसी से लेना है !
सखावत =दानशीलता