Friday, 26 October 2007

!! मुक्तक !!
अक़ल्मंदी हमारे नाम के पहले नहीं जुड़ती
मगर भोले नहीं इतने कि जितने आम दिखते हैं ,
हमें हस्ताक्षर करना न आया चैक पर माना,
मगर दिल पर बड़ी कारीगरी से नाम लिखते हैं !
पंडित रामावतार त्यागी