प्रिय वरदान ,
हमेशा अपने सपनों को अपनी स्मृति से बड़ा बनाओ ,क्योंकि स्मृति अतीत है और सपने तुम्हारा भविष्य !
जितना बड़ा तुम्हारा सपना होगा , उतना ही बड़ा तुम्हारा भविष्य होगा !
और याद रखना सपना वो नहीं है जो तुम सोते हुये देखते हो , वरन सच्चा सपना वो है जो तुम्हें सोने नहीं देता है ।
हमें पता है की तुम सब वहां बहुत मेहनत से अपनी पढ़ाई कर रहे हो ।
जब भी थकने लगो तो अपने सपने को याद कर लो , और ये भी कि ये तुम्हारा ही चुनाव है । बस केवल ये शानदार सात सौ तीस दिन ही तुम्हारे जीवन की दिशा तय करने वाले हैं । इनका भरपूर आनंद लेते हुये उपयोग करना है ।
हमें तुम्हारे सभी मित्रों से मिलकर बहुत अच्छा लगा । तुम सभी का आपसी तालमेल
प्रेममय है । इसे सदा सहेज कर रखना , बहुत बड़ी संपदा है ये ।
बाबा और चाचाजी को वहां के फोटो देखकर बहुत आनंद आया । अपने लाढले को सुरम्य वातावरण वाले कॉलेज में पढते हुये देखकर यहाँ सभी को गौरव की अनुभूति हुई
है ।
खूब मन लगा कर पढो , तुम सब की शानदार सफ़लता के प्रति हम आश्वस्त हैं ।
अनंत स्नेहाशिष सहित
पापाजी सपरिवार